
राजस्थान में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की बैठक जयपुर में हो रही है. इसके लिए राजस्थान के तीनों प्रभारी काजी निजामुद्दीन, अमृता धवन और वीरेंदर सिंह राठौड़ मौजूद रहेंगे. साथ में पार्टी पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री, शशिकांत सेंथिल महासचिव के सी वेणुगोपाल मौजूद रहेंगे. इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव और टिकट वितरण के मद्देनज़र से काफी अहम माना जा रहा है.
पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी में सचिन पायलट को भी जगह दी गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा के साथ सचिन पायलट भी स्क्रीनिंग और पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी में हैं. इसका मतलब ये है कि टिकट वितरण में उनकी भी राय ली जाएगी. हाल ही में पायलट ने अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था और गहलोत पर वसुंधरा के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई न करने का मुद्दा उठाया था.
इसके बाद उनके साथ आलाकमान की हुई बैठक में उनकी बातों को माना गया और सचिन ने फिर दिल्ली में हुई अहम् बैठक में ऐलान किया कि राजस्थान में सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे. साथ ही सीएम अशोक गहलोत अपनी कल्याणकारी स्कीमें और मतदाताओं के लिए की गई घोषणाओं के बलबूते सत्ता में फिर से काबिज होना चाहते हैं. ऐसे में कितने समर्थकों को वो टिकट दिला पाते हैं और कितनों को सचिन पायलट, ये भी मुख्य मुद्दा है. इससे कांग्रेस की आगे की रणनीति और कांग्रेस का राजस्थान में नेतृत्व तय होगा.
मुख्यमंत्री गहलोत हाल ही में ऐसे बयान दे चुके है कि मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन पद मुझे नहीं छोड़ता. उनके इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकला जा रहे हैं. लेकिन एक बात साफ़ है कि सचिन पायलट को दोबारा स्क्रीनिंग समिति में शामिल करके कांग्रेस चुनावों में उनको तवज्जों देगी. आज पॉलिटिकल अफेयर्स समिति की बैठक में हर कांग्रेसी की नज़र है, क्योंकि इसी बैठक से आने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम पर मंथन भी होगा.
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