राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी में बीते दिनों 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ आरोपियों ने गैंगरेप के बाद भट्टी में जिंदा जला दिया था. इस घटना में मृतका के परिजनों को ताउम्र का दर्द मिला है. परिजनों को मिले इस दर्द के बीच उन महिलाओं की करतूतें भी सामने आई है. दरअसल, जिन महिलाओं को रोटी बनाने के लिए पीड़िता का परिवार आटा दिया करता था उन्हीं महिलाओं ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म में आरोपियों को साथ दिया. इतना ही नहीं इन आरोपी महिलाओं को पीड़िता का परिवार ताजा छाछ भी दिया करता था और उन्हीं महिलाओं ने सामूहिक दुष्कर्म के दौरान अपनी आंखें मूंद ली.
पहले शव को काटा...फिर भट्टी में जलाया
जब मासूम पीड़िता की उन युवकों ने हत्या की तो उस समय खुद महिलाओं ने लकड़ी काटने की मशीन से शव के टुकड़े करने में दरिंदों का साथ दिया और बाद में क्षत-विक्षत और अधजले शव को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी भी दो महिलाओं ने उठाई. वहीं खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और भट्टी में जलाने के संगीन मामले में पड़ोसी महिलाओं के हाथ भी खून से रंगे हैं.
महिला अपराधियों को 5 दिनों के रिमांड पर रखा गया
भीलवाड़ा के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में महिलाओं की भूमिका अपराध के बेहद शर्मनाक है. गौरतलब है कि महिलाओं ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता की हत्या की योजना बनाई थी. वहीं गिरफ्तार महिला अपराधियों को फिलहाल 5 दिन के रिमांड पर रखा गया है.
पहले रेप...फिर मौत के घाट उतार दिया
भीलवाड़ा के कोटडी थाना क्षेत्र के नरसिंहपुरा गांव में 2 अगस्त, 2023 को एक नाबालिग लड़की को पिता जिन पड़ोसियों के भरोसे छोड़कर गांव गया था. उन्हीं पड़ोसियों ने उसका सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी. बता दें कि बकरियां चराने गई नाबालिग के साथ खेत में दो पड़ोसी युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया. जब नाबालिग ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को देने की बात कही तो आरोपियों ने पीड़िता को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.
सबूत नष्ट करने के लिए महिलाओं ने दिया आरोपियों का साथ
इतना हीं नहीं इस वारदात को छुपाने और सबूत नष्ट करने के लिए पड़ोस की महिलाओं ने उन आरोपियों की योजना में अहम रोल अदा किया और शव को कटर से टुकड़े करने और टुकड़ों को ठिकाने लगाने की योजना में महिलाओं ने आरोपियों का पूरा साथ दिया.