Rajasthan Police: सीएम भजनलाल शर्मा ने गुरुवार (8 जनवरी) को आधुनिक पुलिसिंग को लेकर राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित सेमिनार में शामिल हुए थे. लेकिन सीएम ने इस दौरान राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कड़ी फटकार लगाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में गुजरात एटीएस और मुंबई, पंजाब की एजेंसियों के राजस्थान में आकर कार्रवाई की गई, लेकिन राजस्थान पुलिस और इंटेलिजेंस को इसकी भनक तक नहीं लगी, जो एक बड़ी विफलता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर की पुलिस को यह जानकारी होनी चाहिए थी कि दूसरे राज्यों की एजेंसियां राजस्थान में आकर कार्रवाई कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि बाहर की एजेंसियां राज्य में आकर एक्शन लें और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी भी न हो तो यह सिस्टम की गंभीर खामी को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था को ठीक करना होगा.
पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पुलिस को आधुनिक बनाने के साथ-साथ अपने काम करने के तौर-तरीकों में भी बदलाव लाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि पुलिस को अधिक त्वरित गति से बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा. पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान सरकार की अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है और इसे पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि आमजन को राहत देने में जो पुलिस अधिकारी या कर्मी नाकाम साबित होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अशोक गहलोत हुए हमलावर
सीएम द्वारा राजस्थान पुलिस को फटकार लगाने पर पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, बड़ी विडंबना है कि राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि राजस्थान पुलिस की जानकारी के बिना ही गुजरात व महाराष्ट्र जैसे दूसरे राज्यों की पुलिस हमारे यहां कार्रवाई कर रही है. यह सीधे तौर पर राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र के ध्वस्त होने का प्रमाण है.
गुजरात व महाराष्ट्र में भाजपा की ही सरकार है. तीनों जगह पर ही उन्हीं की पार्टी का शासन होने के बावजूद ऐसा सिलसिला बना है. यह राजस्थान की सरकार एवं मुख्यमंत्री की कमजोरी के सबूत हैं.
जब मुख्यमंत्री खुद राज्य की पुलिस पर सवालिया निशान लगा रहे हों, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए? गृह विभाग की कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री जी को जवाब देना चाहिए कि आखिर राजस्थान पुलिस को इतना लाचार और सूचना-विहीन किसने बनाया?
पुलिस का मनोबल गिराकर और उन्हें नीचा दिखाकर आप अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते. यह सरकार की प्रशासनिक पकड़ शून्य होने का जीवंत उदाहरण है.
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