Rajasthan News: राजस्थान के जोधपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां धार्मिक आधार पर सरकारी जमीन पर कब्जा करके स्कूल मदरसा और छात्रावास चलाए जा रहे थे. शिक्षा विभाग ने इस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द कर दी. यह फैसला राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 नियम 1993 और संशोधित नियम 2011 के नियम 8(ख) के तहत लिया गया. शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर ने इस आदेश पर हस्ताक्षर किए.
शिकायत से शुरू हुई जांच की कहानी
संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा जोधपुर संभाग को शिकायत मिली कि ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल को सरकारी मदरसे की जमीन पर मान्यता दी गई है. जांच दल ने स्कूल के दस्तावेजों का गहराई से विश्लेषण किया. पाया गया कि आवेदन में दिए गए भूमि दस्तावेज असली स्थिति से मेल नहीं खाते.
भूमि का स्वामित्व अस्पष्ट विवादित और अतिक्रमित है. स्कूल में अनुज्ञेय विषयों से अलग पढ़ाई हो रही थी और छात्र उपस्थिति पंजी में कई कमियां थीं. जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर ने 22 जनवरी 2025 के मान्यता आदेश को वापस लेने की सिफारिश की.

जांच कमेटी ने खोली पोल खोल दी
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर ने 30 दिसंबर 2025 को जांच कमेटी बनाई. रिपोर्ट में सामने आया कि ग्राम चोखा के खसरा नंबर 699 में 1.7725 हेक्टर बारानी प्रथम भूमि जोधपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज है. लेकिन डॉ अब्दुल वाहिद मेमोरियल दारुल उलूम हदीस संस्था कोटा ने इस पर अतिक्रमण कर ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल मदरसा और छात्रावास चला रखा था. यह संस्था धार्मिक आधार पर सरकारी जमीन का गलत इस्तेमाल कर रही थी.
कार्रवाई का असर और सबक
इस कार्रवाई से शिक्षा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. विभाग ने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह मामला अन्य संस्थाओं के लिए चेतावनी है कि दस्तावेजों में धोखाधड़ी या अनियमितताएं पकड़ी गईं तो सख्त कदम उठाए जाएंगे.
जोधपुर विकास प्राधिकरण की जमीन पर चल रहे इस स्कूल के छात्रों का भविष्य अब सवालों में है. सरकार अब ऐसी अन्य जगहों पर भी नजर रखेगी ताकि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग रोका जा सके.
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