Rajasthan News: आजकल तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग थकान और कमजोरी से जल्दी घिर जाते हैं. देर से खाना, नींद की कमी और लगातार तनाव शरीर को अंदर से कमजोर कर देते हैं. कई लोग ऊर्जा के लिए महंगे सप्लीमेंट पर निर्भर होते हैं लेकिन आयुर्वेद में एक आसान और भरोसेमंद नुस्खा बताया गया है जो पीढ़ियों से ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है.
आयुर्वेद में क्यों खास है यह मेल
आयुर्वेद में दूध और छुहारे के मिश्रण को बल्य माना गया है यानी ऐसा आहार जो शरीर को बल प्रदान करता है. छुहारा स्वाद में मीठा और तासीर में गर्म होता है जबकि दूध ठंडा और पोषक तत्वों से भरा होता है. जब दोनों को एक साथ उबाला जाता है तो यह शरीर को सातों धातुओं का पोषण देने वाला शक्तिशाली मिश्रण बन जाता है जो कमजोरी को जड़ से खत्म करता है.
ऊर्जा बढ़ाने से लेकर इम्युनिटी
दूध और छुहारे का नियमित सेवन शरीर की थकान मिटाता है और नई ऊर्जा भरता है. यह दुबले लोगों के लिए वजन बढ़ाने में मदद करता है. जिनकी इम्युनिटी कमजोर रहती है उन्हें यह प्राकृतिक टॉनिक जैसा लाभ देता है. पुरुषों में स्टैमिना बढ़ाने में मददगार माना जाता है और महिलाओं में एनीमिया तथा कमजोरी को कम करता है.
सर्दियों में यह मिश्रण और ज्यादा असर दिखाता है क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है, जोड़ों की जकड़न कम करता है और सूखी खांसी से बचाव करता है. इसे पीने से नींद बेहतर आती है मानसिक थकान कम होती है और त्वचा पर प्राकृतिक चमक लौटती है.
कैसे बनाएं यह पौष्टिक नुस्खा
तीन से चार छुहारों के बीज निकालें उन्हें एक गिलास दूध में डालें और धीमी आंच पर उबालें. जब दूध आधा रह जाए और छुहारे नरम हो जाएं तो इसे रात को सोने से पहले गुनगुना पिएं और छुहारे खाएं.
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