
Rajasthan News: देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाइब्रेंट विलेजेज़ कार्यक्रम-II ((Vibrant Villages Programme - II)) को मंजूरी दी है. इस कार्यक्रम के लिए ₹6,839 करोड़ की राशि तय की गई है.
ग्रामीण आत्मनिर्भरता और विकास पर जोर
वीवीपी-II के तहत सीमावर्ती गांवों में आधारभूत ढांचे का विकास, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, डिजिटल कनेक्टिविटी, और स्थानीय आजीविका के साधनों को बढ़ावा दिया जाएगा.
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कुशल नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹6,839 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ वाइब्रेंट विलेज्स कार्यक्रम-II (वीवीपी-II) को मंजूरी प्रदान की है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) April 5, 2025
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल राजस्थान सहित देश के सीमावर्ती गांवों में आधारभूत संरचना…
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और जीवंत बनाना, स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और ग्रामीण पलायन को रोकना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है.
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों को लाभ
राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में इस योजना से विशेष लाभ मिलेगा. इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर जीवनशैली प्राप्त होगी. सामरिक दृष्टि से भी यह पहल देश की सीमाओं को मजबूत बनाएगी.
राष्ट्रीय महत्व की पहल
वीवीपी-II सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों को जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने की एक दिशा में बढ़ता कदम है. यह कार्यक्रम ग्रामीण रोजगार के नए अवसर भी लाएगा, जिससे देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक नई ऊर्जा का संचार होगा. यह योजना भारत के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है.
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