Rajasthan News: बूंदी के नैनवां में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने आदिवासी मीणा समाज की सत्ता में भागीदारी पर बात की है. नरेश मीणा ने कहा कि प्राचीन काल में आदिवासी समाज को ग्रंथों और शिक्षा से वंचित रखा गया, लेकिन इसके बावजूद हमारे पूर्वजों ने अपनी सूझबूझ और पराक्रम से शासन किया. आज लोकतंत्र के दौर में समाज की असली ताकत सत्ता में भागीदारी से ही तय होती है.
हाड़ौती को पूंजीपतियों से मुक्त कराने का संकल्प
नरेश मीणा ने कहा कि हाड़ोती में आदिवासी मीणा समाज की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद राजनीतिक रूप से उसे हाशिए पर रखा गया है. पूंजीपति वर्ग के नेता सीमित वोट आधार के बावजूद वर्षों से इस क्षेत्र की राजनीति पर हावी हैं. नरेश मीणा ने कहा कि जब तक हाड़ोती को इन पूंजीपतियों के राजनीतिक कब्जे से मुक्त नहीं करा देंगे और ऐसे नेता विधानसभा और संसद से बाहर नहीं होंगे, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे.
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नरेश मीणा
भाजपा को लेकर नरेश मीणा का बड़ा ऐलान
नरेश मीणा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आठ महीने जेल में रहने और 32 मुकदमे झेलने के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे जीवन भर भाजपा में नहीं जाएंगे. भाजपा को आरक्षण विरोधी पार्टी बताते हुए नरेश मीणा कहा कि यह दलित और आदिवासी समाज के हितों के खिलाफ काम करती है. उन्होंने अंता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा का टिकट ठुकराने की बात भी कही.

इसके अलावा कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए नरेश मीणा ने कहा कि रामनारायण मीणा जैसे वरिष्ठ नेता सामान्य लोकसभा सीट से सांसद होने के बावजूद कभी मंत्री नहीं बनाए गए, जबकि अन्य समाजों को प्राथमिकता दी गई. राजस्थान में आदिवासी समाज की आबादी 13 प्रतिशत होने के बावजूद टिकट के लिए संघर्ष करना पड़ता है. 2028 के विधानसभा चुनाव में हाड़ोती में राजनीतिक क्रांति तय है.
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