Ajmer News: अजमेर शहर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान मुस्लिम समुदाय के वोटरों के नाम काटने का गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. लाखन कोटड़ी क्षेत्र में करीब 244 मतदाताओं के नाम अनुपस्थित दर्शाकर हटाने के लिए आवेदन किया गया, जबकि ये सभी लोग पिछले 30–40 वर्षों से उसी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं. मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया.
स्थानीय लोगों की जांच में सामने आया कि यह पूरा घटनाक्रम एक युवक खेमराज के जरिए किया गया, जिसने कथित तौर पर खाली फार्मों पर हस्ताक्षर किए थे. पूछताछ में युवक ने बताया कि उससे यह काम भाजपा से जुड़े कुछ लोगों के कहने पर करवाया गया. बाद में क्षेत्रवासियों ने युवक से निर्वाचन अधिकारी के नाम प्रार्थना पत्र भी लिखवाया, जिसमें गलत आपत्तियां दर्ज होने की बात स्वीकार की गई.
''एक समुदाय विशेष को मताधिकार से वंचित करने की साजिश''
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक समुदाय विशेष को मताधिकार से वंचित करने की साजिश जैसा मामला है. लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस पूरे मामले पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार मीणा ने स्पष्ट किया है कि केवल आपत्ति दर्ज होने से नाम नहीं कटते. जांच में आपत्ति सही पाए जाने पर ही मतदाता सूची से नाम हटाए जाते हैं. फिलहाल प्रशासन की भूमिका और जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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